Tiens Gymnema Tablets: Natural Solution for Diabetes
Tiens Gymnema Tablets: Natural Solution for Diabetes
अब चाहे टाइप-1 हो या टाइप-2
अलविदा डायबिटीज
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इस आर्टिकल में हम समझेंगे-
- डायबिटीज का भारत में परिदृश्य
- टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज़ में क्या अंतर हैं?
- जानेंगे टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज़ से उत्पन्न होने वाले कॉम्प्लीकेशन्स.
- बीटा सेल्स का कम होना हमारी सेहत के लिए कितना घातक सिद्ध हो सकता हैं?
- टाइप-1 डायबिटीज (IDDM) क्या हैं?
- टाइप-1 से निर्माण होने वाली गंभीर स्थिति.
- क्या टाइप-1 डायबिटीज ठीक हो सकता हैं?
- टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज़ कैसे छुटकारा पाएं?
डायबिटीज: एक भीषण महामारी!
Diabetes जो पहले केवल वृद्ध लोगों की बीमारी मानी जाती थी, अब यह सभी जनसांख्यिकीय समूहों में फैल गई है—किशोरों से लेकर ग्रामीण परिवारों तक। मधुमेह धीरे-धीरे विकसित होता है.
थकान, बार-बार पेशाब आना, प्यास में वृद्धि, या वजन में बदलाव अक्सर ध्यान में नहीं आते।
जब तक लक्षणों को पहचाना जाता है, तब तक जटिलताएँ पहले से ही उत्पन्न हो सकती हैं। 43% लोगों में निदान नहीं होने के कारण, जागरूकता की कमी और परीक्षण में देरी इस संकट को बढ़ाती रहती है।
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भारत का डायबिटीज़ परिदृश्य:
अंतर्राष्ट्रीय डायबिटीज़ फेडरेशन (IDF) के डायबिटीज़ एटलस 11वीं संस्करण (अप्रैल 2025 में प्रकाशित) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, लगभग 9 करोड़ भारतीय वयस्कों (उम्र 20–79 वर्ष) को 2024 में डायबिटीज़ का निदान किया गया था.
जो विश्व स्तर पर हर सात वयस्कों में से एक है.
DIABETES का प्रसार दर 10.5% है जिससे भारत दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा DIABETIC देश बन गया।
चिंताजनक रूप से, इसमें से 43%—लगभग 3.86 करोड़ भारतीय—अपनी स्थिति के बारे में अनजान थे।
इनमें से कुल 62% लोग डायबिटीज की किसी भी प्रकार का ट्रीटमेंट नहीं ले रहे थे.
IDF के डाटा के अनुसार वर्ष 2050 तक डायबिटीज पेशेंट्स की संख्या दुगुनी हो सकती हैं.
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Difference between Type-1 & Type-2 Diabetes
टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज़ में क्या अंतर है?
डायबिटीज़ रक्त वाहिकाओं और नर्वस सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर विभिन्न गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है, जिससे हृदय की बीमारियां, किडनी फेलियर, आंखों और पैरों में जटिलताएं हो सकती हैं।
मधुमेह हार्ट अटैक, स्ट्रोक और संकुचित धमनियों (एथेरोस्क्लेरोसिस) की रिस्क को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ा देता है।
एथेरोस्क्लेरोसिस एक ऐसी बिमारी हैं जिसमें आपके ह्रदय की धमनियां कठोर हो जाती हैं या उसका लचीलापन ख़त्म हो जाता हैं. जो धीरे-धीरे उनके अंदर प्लाक जमा होने के कारण होता है। प्लाक में फैट्स और कोलेस्ट्रॉल और अन्य पदार्थ शामिल होते हैं।
यह प्लाक का जमाव रक्त प्रवाह को सीमित करता है। जिससे आपके हार्ट पर प्रेशर आ जाता हैं.
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उच्च रक्तचाप: यह मधुमेह के साथ आमतौर पर मौजूद रहता हैं. जिसके कई सारी जोखिम होती हैं
मधुमेह आंखों की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे दृष्टि हानि और अंधापन हो सकता है।
डायबिटीज किडनी में फिल्टरिंग प्रणाली को नुकसान पहुँच सकता है, जिससे शरीर में तरल पदार्थ जमा हो सकता है, उच्च रक्तचाप हो सकता है, और अंततः किडनी फ़ैल हो सकती हैं जिसके लिए डायलिसिस या प्रत्यारोपण की आवश्यकता पड़ सकती है.
नर्व डैमेज: हाथ और पैरों को प्रभावित करता है, जिससे झुनझुनी, सुन्नपन, जलन या दर्द हो सकता है. साथ ही उन तंत्रिकाओं को क्षति पहुँचाता है जो आंतरिक शरीर कार्यों को नियंत्रित करती हैं, जिससे गैस्ट्रोपेरेसिस (पेट खाली होने में देरी), इरेक्टाइल डिसफंक्शन और मूत्राशय संबंधी समस्याएं हो सकती हैं.
What are the Beta cells?
बीटा सेल्स का मुख्य कार्य इंसुलिन का उत्पादन और स्राव करना है.
जब रक्त शर्करा का स्तर बढ़ने लगता है (जैसे पाचन के दौरान), बीटा सेल्स तुरंत प्रतिक्रिया करती हैं और अपने स्टोर्ड इंसुलिन का कुछ मात्रा स्राव करती हैं, और साथ ही इन्सुलिन का उत्पादन भी बढ़ा देती हैं.
रक्त शर्करा में वृद्धि पर यह बीटा सेल्स केवल 10 मिनट्स में एक्टिवेट हो जाती हैं.
किसी भी कारण से बीटा सेल्स की संख्या कम हो जाती हैं या वह पूरी तरह से नष्ट हो जाती हैं तो उसका परिणाम लिपोटोक्सीसिटी जैसे खतरनाक मेटाबोलिक सिंड्रोम में परिवर्तित हो जाता हैं.
ऐसा माना जाता है कि लिपोटॉक्सिसिटी से हार्ट फेलियर, मोटापा और डायबिटीज जैसी बिमारियों के होने में बड़ी भूमिका हो सकती है.
अनुमान है कि लिपोटॉक्सिसिटी यह लगभग 25% से अधिक विश्व की आबादी को प्रभावित करती है.
बीटा सेल्स पर आपकी इम्यून सिस्टम द्वारा हमला किए जाने और नष्ट किए जाने के कारण टाइप 1 डायबिटीज़ होता हैं.
बीटा सेल्स बुरी लाइफस्टाइल या बुरे खानपान की वजह से आवश्यक इंसुलिन का पर्याप्त मात्रा में उत्पादन नहीं कर सकती जिसके कारण टाइप 2 डायबिटीज़ होता हैं.
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What is Type-1 Diabetes (IDDM)?
Insulin-dependent Diabetes Mellitus
हमारा शरीर करोडो कोशिकाओं से बना है. सभी कोशिकाओं को ऊर्जा के लिए खाने से मिलने वाले ग्लूकोज (शुगर) की आवश्यकता होती है.
जिस तरह एक कार बिना पेट्रोल के नहीं चल सकती, उसी तरह शरीर बिना ग्लूकोज के काम नहीं कर सकता. इंसुलिन वह “चाबी” है जो ग्लूकोज को कोशिकाओं में प्रवेश करने देती है.
इस चाबी के बिना, ग्लूकोज रक्तप्रवाह में रहता है और कोशिकाएँ इसे ऊर्जा के लिए उपयोग नहीं कर पातीं.
जब किसी व्यक्ति को टाइप 1 डायबिटीज़ होती है, तो पैंक्रिया इंसुलिन बनाना बंद कर देता है. शरीर की सेल्स को ग्लूकोज का प्रयोग करने में मदद करने के लिए, टाइप 1 डायबिटीज़ मेलिटस (DM) वाले लोगों को इंसुलिन इंजेक्शन के माध्यम से लेता है.
चिकित्सा शब्दों में, IDDM का मतलब है इंसुलिन-निर्भर डायबिटीज़ मेलिटस. यह डायबिटीज़ का एक प्रकार है जिसमें शरीर में इंसुलिन बनाने की क्षमता बहुत कम या नहीं होती, और इसके प्रबंधन के लिए जीवन भर इंसुलिन थेरेपी की आवश्यकता होती है.
IDDM अक्सर टाइप 1 डायबिटीज़ के साथ समानार्थक रूप से उपयोग किया जाता है, जो एक Auto Immune डिसऑर्डर है जो Pancreas में इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं को नष्ट कर देता है.
What is the auto immune disorders?
ऑटोइम्यून रोग वह होते हैं जहाँ आपकी इम्यून सिस्टम गलती से खुद के शरीर की अपनी स्वस्थ सेल्स और टिश्यूज पर हमला करती है, जिससे विभिन्न गंभीर स्वास्थ्य समस्याएँ उत्पन्न होती हैं.
प्रतिरक्षा प्रणाली, जो शरीर को बाहरी संक्रमण और बीमारियों से सुरक्षित रखने के लिए बनाई गई है, गलती से स्वस्थ कोशिकाओं को विदेशी आक्रमणकारियों के रूप में पहचान लेती है.
इसका परिणाम ऑटो-एंटीबॉडीज के उत्पादन के रूप में होता है जो शरीर की अपनी टिश्यूज पर हमला करते हैं और उन्हें क्षतिग्रस्त कर देते हैं.
हाइपोग्लाइसीमिया: लगातार इंसुलिन इंजेक्शन लेने की वजह ब्लड शुगर का प्रमाण कम भी हो सकता हैं; जो भ्रम, दौरे, या चेतना की हानि का कारण बन सकती है.
हाइपरग्लाइसीमिया: उच्च रक्त शर्करा जो लंबे समय में महत्वपूर्ण ऑर्गन्स को नुकसान पहुंचा सकती है यदि इसका प्रबंधन न किया जाए.
कीटोएसिडोसिस: एक गंभीर स्थिति जिसमें शरीर अत्यधिक कीटोन का उत्पादन करता है, जिससे रक्त में खतरनाक एसिड का निर्माण होता है.
टाइप 1 डायबिटीज आमतौर पर अचानक उत्पन्न होता है.
यह किसी भी उम्र में हो सकता हैं.
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टाइप 1 मधुमेह के प्रारंभिक लक्षण
- वजन घटना या कम होना, भले ही बहुत अधिक भोजन कर रहे हों
- सामान्य से अधिक प्यास लगना
- मूत्र में असंयम (बिस्तर भीगना)
- बार-बार पेशाब आना
- सामान्य से अधिक मूत्र आना
- हमेशा थकावट महसूस होना
टाइप 1 मधुमेह के बाद के लक्षण:-
- त्वचा और मुंह का शुष्क होना-
- सांस लेने में कठिनाई-
- मूत्र में शर्करा और एसीटोन का सकारात्मक होना-
- ब्लड शुगर बहुत उच्च होना
- भूख का कम होना-
- सांस से "फलों जैसी" गंध आना-
- पेट में दर्द
Is Type-1 Diabetes Curable?
क्या टाइप-1 डायबिटीज ठीक हो सकता हैं? इसका जवाब हैं -- नहीं
वर्तमान में, टाइप 1 मधुमेह का कोई इलाज नहीं है.
एकमात्र ज्ञात संभावित इलाज में पैंक्रिया का प्रत्यारोपण या विशेष पैंक्रिया कोशिकाओं का प्रत्यारोपण शामिल है, लेकिन ऑर्गन्स की कमी के कारण यह अधिकांश मरीजों के लिए संभव नहीं है.
आज भी इसका स्थायी इलाज खोजने के लिए शोध चल रहे हैं.
लेकिन अब निराश होने की जरूरत नहीं हैं दोस्तों!
Tiens Gymnema Tablets: डायबिटीज से लड़ने में मदद करेगा.
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Key Ingredients in GYMNEMA TABLETS
Gymnema Sylvestre
Gymnema Sylvestre Acid
Chromium Picolinate
What is Gymnema Sylvestre?
“शुगर नाशक” के रूप में जाना जाने वाला, जिम्नेमा सिल्वेस्टर डायबिटीज़ के लिए सबसे अधिक क्लिनिकली टेस्टेड और वैज्ञानिकों द्वारा अभ्यास की गयी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों में से एक है.
इसके कई क्लिनिकल टेस्ट रिपोर्ट्स में यह सिद्ध हो चूका हैं की, चाहे टाइप-1 डायबिटीज हो टाइप-2 दोनों पर यह काफी प्रभावी सिद्ध हुआ हैं.
Clinical Studies of Gymnema Sylvestre?
Gymnema Sylvestre एक पारंपरिक औषधीय पौधा है, जिसका उपयोग मधुमेह, पेट और मूत्रवर्धक समस्याओं के उपचार के रूप में किया जाता है.
इस पौधे के अर्क का उपयोग आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक चिकित्सा प्रणालियों में भी किया जाता है. (मोइत्रा और अन्य, 1995)
Gymnema Sylvestre का अर्क रक्त में ग्लूकोज संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, एन्डोक्राइन पैंक्रिया के पुनर्जनन के माध्यम से सीरम इंसुलिन स्तर को बढ़ाता हैं.
(शण्मुगसुंदरम और अन्य, 1983, शण्मुगसुंदरम और अन्य, 1990)
Gymnema Sylvestre के पत्ते के अर्क के अणु जो β-सेल पुनर्जनन और एंटी-डीबिटिक प्रभाव बढ़ाने में योगदान देते हैं.
इसके अलावा, एंटी-डीबिटिक प्रयोगों में जिमनेमिक एसिड की भूमिका अहम् होने के परिणाम मिले हैं; यह पाया गया कि पेट में पैंक्रिया का वजन और ग्लाइकोजेन कंटेंट्स, ऑलॉक्सन से प्रेरित, डायबिटिक विस्टर चूहों में बढ़ गया.
इसके अतिरिक्त, β-सेल के पुनर्जनन के संकेत भी मिलते हैं. (सन्दर्भ Online electronic databases from “PubMed,” “ScienceDirect,” and “Google Scholar”)
क्लीनिकल स्टडीज से यह अनुमान लगाया जा सकता हैं की, डायबिटीज से जूझ रहे व्यक्ति Gymnema Sylvestre के नियमित सेवन से इस बिमारी पर नियंत्रण पा सकते हैं और एक खुशहाल जीवन जी सकते हैं. खासकर टाइप 1 डायबिटीज में.
टाइप 2 डायबिटीज में इसके सेवन के साथ लाइफस्टाइल या खानपान में परिवर्तन कर इस बिमारी से मुक्ति पा सकते हैं.
What is Chromium Picolinate?
क्रोमियम पिकोलेनेट एक खनिज है जो विभिन्न रूपों में पाया जाता है.
क्रोमियम पिकोलेनेट क्रोमोड्युलिन नामक अणु का हिस्सा है, जो इंसुलिन को शरीर में अपने कार्य करने में मदद करता है (Trusted Source https://academic.oup.com/jn/article/130/4/715/4686593, Trusted Source https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/22423897).
कई अध्ययनों से संकेत मिला है कि क्रोमियम पिकोलेनेट के सप्लीमेंट लेने से डायबिटीज़ के रोगियों में ब्लड शुगर बेहतर हो सकता है
(Trusted Source https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/24635480,
Trusted Source http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/16784965).
एक अध्ययन में पाया गया कि 16 हफ्तों तक दिन में 200 माइक्रोग्राम क्रोमियम पिकोलेनेट लेने से रक्त शर्करा कम हो सकती हैं और शरीर की इंसुलिन के प्रति प्रतिक्रिया में सुधार हो सकता है. (Trusted Source http://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/16784965).
शरीर में क्रोमियम पिकोलेनेट की महत्वपूर्ण भूमिकाओं के कारण, फ़ूड सप्लीमेंट के रूप में निहित मात्रा में क्रोमियम पिकोलेनेट का सेवन करना एक अच्छी स्वास्थ्य रणनीति है.
Health Benefits of Tiens Gymnema Tablets
- Tiens Gymnema Tablets मधुमेह रोगियों को मीठा खाने की इच्छा को कम करने में मदद करता है.
- Tiens Gymnema Tablets बीटा सेल्स की संख्या बढ़ाता हैं तथा पुनर्निर्माण में काफी सहायक होता हैं.
- Tiens Gymnema Tablets पैंक्रिया में इंसुलिन उत्पादन को बढ़ाता है.
- Tiens Gymnema Tablets सीरम कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स को कम करता है.
- Tiens Gymnema Tablets के दीर्घकालिक उपयोग पर इंसुलिन या अन्य दवाइयों को कम करता है.
- Tiens Gymnema Tablets मधुमेह से उत्पन्न होने वाली गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ने से रोकता है.
- सिफारिश की जाती है की, टाइप I और टाइप II मधुमेह रोगियों द्वारा Tiens Gymnema Tablets का इस्तेमाल करने से डायबिटीज पर नियंत्रण पाया जा सकता हैं.
- जिनके परिवार में मधुमेह का इतिहास है ऐसे लोगों के लिए भी Tiens Gymnema Tablets काफी लाभदायक हैं.
- गर्भावस्था में मधुमेह का इतिहास रखने वाली महिलाएं भी Tiens Gymnema Tablets का सेवन कर सकते हैं.
- जिनका वजन आदर्श शरीर के वजन से 20% अधिक है उन्हें होने वाले कई स्वास्थ्य इशू पर Tiens Gymnema Tablets कारगर सिद्ध हो सकता हैं.
- उच्च रक्तचाप वाले लोग भी Tiens Gymnema Tablets जरूर इस्तेमाल कर स्वास्थ्य समाधान प्राप्त कर सकते हैं.
- असामान्य कोलेस्ट्रॉल स्तर वाले लोगों में भी Tiens Gymnema Tablets के अच्छे परिणाम मिल सकते हैं.
- वृद्ध लोग भी Tiens Gymnema Tablets का सेवन कर सकते हैं और स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं.
- शराब पीने वाले और धूम्रपान करने वाले या संक्रमण के प्रति संवेदनशील लोग भी Tiens Gymnema Tablets का इस्तेमाल कर सकते हैं.
दोस्तों डायबिटीज जैसी गंभीर बिमारी छुटकारा पाने का अभी तक का ज्ञात उपाय आपके लिए Tiens GYMNEMA TABLETS ही हैं.
Tiens कंपनी सर्वोच्च गुणवत्ता और अपने रिसर्च के लिए पूरे विश्व में जानी जाती हैं. Tiens का अपना रिसर्च & डेवलपमेंट हैं जिसमें सेंकडो वैज्ञानिक दिन रात काम करते हैं.
इस कंपनी के पास सर्वोत्तम लीगल मान्यताएं हैं जिसमें US FDA भी शामिल हैं.
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