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Successful Treatment of Cerebral Palsy with Plant Stemcell Therapy (Hindi)

प्लान्ट स्टेमसेल थेरेपी से सेरेब्रल पाल्सी का सफल इलाज



सेरेब्रल पाल्सी सीधे तौर पर हमारे मस्तिष्क को प्रभावित करने वाली एक घातक बिमारी है. चूंकि, मस्तिष्क के माध्यम से ही हमारे शरीर की सारी क्रियाओं का उचित संचालन होता है, लेकिन यह बीमारी सीधे तौर पर मस्तिष्क पर बुरा असर डालती है, जिससे मरीज सामान्य तौर पर जीवन नहीं जी सकता.

उसे जीवनयापन करने में कई सारी दिक्कतें आती है. ऐसे में सेरेब्रल पाल्सी पर उचित और जल्द से जल्द इलाज होना जरुरी होता है. इस घातक बीमारी पर पूरी तरह से नाड़ी परीक्षण और आयुर्वेदिक प्लान्ट स्टेमसेल थेरेपी के माध्यम से सफल इलाज अभी संभव है.

ऐसा इसलिए हो पाया क्योंकि, डॉ. खंडु पाठक ने प्लान्स स्टेमसेल थेरेपी के विषय में काफी गहन अध्ययन और अनुसंधान किया. इस लेख में हम सेरेब्रल पाल्सी की बीमारी पर प्लान्ट स्टेमसेल थेरेपी किस तरह से काम करती है, इसके संदर्भ में जानकारी प्राप्त करेंगे.

सेरेब्रल पाल्सी होने के कारण


सेरेब्रल पाल्सी मुख्य रूप से मस्तिष्क से संबंधित बीमारी है. इसलिए मस्तिष्क को किन कारणों से हानि पहुंची है, इसकी जड़ में जाकर अभ्यास करना होता है. मस्तिष्क तथा रीढ़ की हड्डी को गंभीर स्वरूप में धक्का लगने के चलते सेरेब्रल पाल्सी हो सकता है.

कभी-कभी प्रसूति के दौरान बच्चों के साथ खिंचतान हो सकती है. इस प्रक्रिया में बच्चे के मस्तिष्क को गंभीर धक्का लग सकता है. हमारे मस्तिष्क का पूरा कामकाज खून के वितरण पर चलता है. अगर खून के इस वितरण में में कोई भी समस्या उत्पन्न होती है, तो उससे सेरेब्रल पाल्सी उत्पन्न हो सकता है. कई बार खून में एक गाढ़ापन आ जाता है और कोलेस्टेरॉल की मात्रा काफी बढ़ जाती है. इससे मस्तिष्क में खून का वितरण बाधित होता है, जिससे सेरेब्रल पाल्सी होने का खतरा रहता है.




सेरेब्रल पाल्सी से इन्ही कारणों की खोज डॉ. खंडु पाठक ने नाड़ी परीक्षण के दौरान की. बाद में उन्होंने पाया कि, जब हमारे मस्तिष्क में खून का वितरण बंद होता या फिर उसका संतुलन बिगड़ता है, तो सेरेब्रल पाल्सी की बीमारी होती है. यहीं से इस बीमारी पर प्लान्ट स्टेमसेल थेरेपी के माध्यम से इलाज का जन्म हुआ.

क्या है प्लान्ट स्टेमसेल थेरेपी?


हमारे प्राचीन वेदों और आयुर्वेद में शरीर के सप्त धातुओं के संदर्भ में काफी अनुसंधान किया गया है. इससे पता चला है कि, जब  हम खाना खाते है, तो उससे हमारे शरीर में इन सप्त धातुओं की निर्मिती होती है. सबसे पहला रस, बाद में रक्त, मांस, मेद और हड्डियों में उसके घटकों का रूपांतरण होता है. सबसे आखिर में अन्न का रूपांतरण मज्जा में होता है, जिसे हम ‘बोनमैरो’ कहते है.



बोनमैरो का मतलब है हमारे खून के घटक जिसे हम आरबीसी, डब्ल्यूबीसी, प्लेटलेट्स आणि स्टेमसेल कहते है इसका स्टोअरेज होता है. ऐसे में डॉ. खंडु पाठक ने  इस पर और भी गहन तरीके से अध्ययन और अनुसंधान कर उसे आयुर्वेद में लाकर प्लान्ट स्टेमसेल थेरेपी की तकनीक विकसित की. इसमें ओरल थेरेपी से बोनमैरो के घटकों मरीज को दिए जाते है. इस थेरेपी के माध्यम से आज तक सेरेब्रल पाल्सी समेत विभिन्न तरह की घातक बीमारियों के मरिजों को भी पूरी तरह से ठिक किया गया है.

सेरेब्रल पाल्सी पर कैसे काम करती है प्लान्ट स्टेमसेल थेरेपी?



किसी भी व्यक्ति को कोई बीमारी तब होती है, जब हमारे शरीर की पेशियां बाधित हो जाती है और वह डिरेग्युलराइज्ड कैरेक्टर बन जाती है. प्लान्ट स्टेमसेल थेरेपी विषय में अनुसंधान करते हुए डॉ. पाठक ने पेड़ों की पेशियों में मौजूद केमिकल का और मानवी पेशियों से संयोग कराया. जब इस तरह से इलाज कराना शुरू किया तो इसके विभिन्न तरह की घातक बीमारियों पर काफी चौंकाने वाले तथ्य सामने आए. क्योंकि प्लान्ट स्टेमसेल थेरेपी के माध्यम से किसी भी मरीज के शरीर की जिन बीमार हुई पेशियों को नष्ट कर वहां स्वस्थ पेशियों का उत्पादन शुरू हुआ तो बीमारियां अपनेआप दूर होने लगी.




इसी प्रक्रिया में डॉ. खंडु पाठक ने  सेरेब्रल पाल्सी में भी इलाज शुरू कर दिया. इसके लिए डॉ. पाठक ने प्लान्ट स्टेमसेल थेरेपी के माध्यम नयी और स्वस्थ पेशियों की निर्मिती की. बाद में यह स्वस्थ पेशियां बोनमैरो के माध्यम से मरीज के ब्लड में सर्क्युलेट की. यह स्वस्थ पेशियां जब मरीज के मस्तिष्क में गई तो उन्होंने वहां खून का वितरण प्राकृतिक तरीके से पूर्ववत बनाया.

साथ ही वहां मौजूद डिरेग्युलराईज्ड हुई पेशियों को नष्ट किया. इससे सेरेब्रल पाल्सी के मरीज पूरी तरह से ठिक होने लगे. इस प्रक्रिया के माध्यम से आज तक हजारो मरीजों का सफल इलाज कराया गया है. सेरेब्रल पाल्सी जैसी बीमारी आज भी दुनिया में कहीं भी 100 प्रतिशत सफल इलाज संभव नहीं है,

लेकिन प्लान्ट स्टेमसेल थेरेपी के माध्यम से मरीज को पूरी तरह से स्वस्थ बनाया जा सकता है. आयुर्वेद प्लान्ट स्टेमसेल थेरेपी, नाडीपरीक्षण तथा नाडीग्राफ के माध्यम से मरीज को पूरी तरह से स्वस्थ बनाने वाली थेरेपी दुनिया कहीं पर भी उपलब्ध नहीं है.

इसलिए जिस व्यक्ति को भी सेरेब्रल पाल्सी जैसी गंभीर बीमारी हों, वे फौरन ही प्रस्तुत डॉ. खंडु पाठक से संपर्क कर इस बीमारी से पूरी तरह से निजात पा सकते है.


- डॉ. खंडु पाठक

गुरु आयुर्वेद रिसर्च सेंटर,
नळ स्टॉप, कर्वे रोड, होटल निसर्ग के पास, गार्डियन स्क्वेयर, पुणे.
मो. 9890020253
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