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How Climate Change Impacts Human Health?


How Climate Change Impacts Human Health?

In our previous article, we saw that the biggest effects of climate change are highly visible on the season cycle. The greatest damage to the changing weather cycle is happening on animals. Due to the increasing incidence of fire in the forest, many species are forced to find new places.

Climate change is a fact, even though many big leaders around the world are not taking it seriously even today. In this article, we will see how climate change is directly impacting human health. 

Heart-related diseases will increase

How Climate Change Impacts Human Health?

Global warming will cause an increase in heatwaves. Studies have shown that high levels of air pollution can lead to a large increase in heart disease-related problems.
A new modification has found that high temperatures and ozone together can impair heart health. Air temperature and ozone can be bad for the heart because they affect the functions of the automatic nervous system.

According to the American Heart Association, this system helps the body to adapt to the environment. It regulates body functions, including the electrical activity of the heart and air flow in the lungs.

High temperatures can make the body more sensitive to toxins.

Increased allergic diseases


How Climate Change Impacts Human Health?

Studies show that allergy-related diseases are on the rise in developed countries. Due to which the level of carbon dioxide can rise and the temperature can be warmer.

Increase in natural disasters  


How Climate Change Impacts Human Health?

Global warming is increasing the incidence of natural disasters, including intense heat waves, floods and major storms, which can increase mortality. Heat and drought can prove to be the deadliest natural disasters.

A study reviewing weather disasters in the US since 1980 found that heatwaves and the accompanying droughts were the most responsible for deaths from natural disasters.

A study in 2007 found that heatwaves in Europe have almost doubled from 100 years ago. In the region, a mega heatwave in 2003 killed around 70,000 people. 

New deserts will be formed 


How Climate Change Impacts Human Health?

Due to climate change, areas like deserts may increase. Soil quality is getting worse in dry areas. A 2010 study found that 38 percent of the world's deserts are made up of arid regions. Once decomposed, the soil becomes unproductive. It reduces the area of ​​land that is being used for agriculture which is used to feed the growing population of the world.

Global desert soil can also promote the growth of harmful bacteria in the sea. A study presented in February last year at the American Association for the Advancement of Science found that desert dust promotes the growth of Vibrios, a group of ocean bacteria that cause gastroenteritis like diseases in people.

Seawater samples found that, within 24 hours of mixing desert dust from Morocco, Vibrios saw a 10 to 1000 times increase, which could cause eye, ear, and open wound infections and cholera, "Georgia University study said. The increase in these types of bacteria means more people can get sick because they consume contaminated seafood.

Chances of spreading diseases


How Climate Change Impacts Human Health?

Due to climate change, an excessive increase in heat and rainfall in some areas can lead to the spread of disease.

There are some vector-borne diseases or diseases that include mosquitoes, ticks. Vector-borne diseases in which an insect acts as a disease-spreading agent. Vectors are cold-blooded, they depend on their surrounding environment to control their internal heat. The rise in temperature can potentially cause diseases like malaria to spread to new areas. 

In the rainy season, the relation of water-borne diseases can be directly linked to increased rainfall.

Also, read our articles:

Climate change and its Impact on creatures

Air Pollution: Knock of a Pandemic



















क्लाइमेट चेंज का मानवी स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव हो रहा हैं?

Climate Change and its Impact on Human Health

हमारे पिछले आर्टिकल में हमने देखा की जलवायु परिवर्तन का सबसे बड़ा प्रभाव ऋतु चक्र (Season cycle) पर अत्यधिक दिखाई दे रहा हैं. बदलते मौसम चक्र का सबसे ज्यादा नुक्सान प्राणियों पर हो रहा हैं. जंगल में बढ़ती हुयी आग की घटनाओं की वजह से प्राणियों कई प्रजातियां नए स्थान ढूंढने पर मजबूर हैं. 

क्लाइमेट चेंज एक सच्चाई हैं, भले ही दुनिया भर के कई बड़े नेता इसे आज भी गंभीरता से नहीं ले रहे हैं. इस आर्टिकल में हम ये देखेंगे की क्लाइमेट चेंज का सीधा असर मानव जाती स्वास्थ्य पर कैसे हो रहा हैं. 


ह्रदय से सम्बंधित बीमारियों में वृद्धि होगी

Climate Change and its Impact on Human Health

ग्लोबल वार्मिंग गर्मी की लहरों (Heat Waves) में वृद्धि लाएगा. अध्ययनों से पता चला है कि उच्च स्तर के वायु प्रदूषण की वजह हृदय रोगों संबंधी समस्याओं में बड़ी मात्रा में बढ़ोतरी हो सकती हैं.

एक नए संशोधन में पाया गया हैं कि उच्च तापमान और ओजोन मिलकर हृदय के स्वास्थ्य को खराब कर सकते हैं. हवा का तापमान और ओजोन हृदय के लिए बुरा हो सकता है क्योंकि वे आटोमेटिक नर्वस सिस्टम के कार्यों को प्रभावित करते हैं. आटोमेटिक नर्वस सिस्टम सेंट्रल नर्वस सिस्टम का एक हिस्सा है. अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार यह सिस्टम शरीर को वातावरण के अनुकूल बनाने में मदद करता हैं. यह शरीर के कार्यों को नियंत्रित करता है, जिसमें हृदय की विद्युत गतिविधि और फेफड़ों में वायु प्रवाह शामिल हैं.


उच्च तापमान शरीर को टॉक्सिन्स के प्रति अधिक संवेदनशील बना सकता है.


एलर्जिक बीमारियों का बढ़ना

Climate Change and its Impact on Human Health

अध्ययन से पता चलता है कि विकसित देशों में एलर्जी से सम्बंधित बीमारियां बढ़ रही है. जिसके कारण कार्बन डाइऑक्साइड के स्तर को बढ़ना और तापमान का अधिक गर्म होना हो सकते हैं. 


प्राकृतिक आपदा में बढ़ोतरी 

Climate Change and its Impact on Human Health

ग्लोबल वार्मिंग से प्राकृतिक आपदाओं की घटनाओं में वृद्धि हो रही है, जिसमें गर्मी की तीव्र लहरें, बाढ़ और बड़े तूफान शामिल हैं, जिसकी वजह से मृत्यु दर बढ़ सकती हैं. गर्मी और सूखे सबसे घातक प्राकृतिक आपदाएं सिद्ध हो सकती हैं. अमेरिका में 1980 के बाद से मौसम की आपदाओं की समीक्षा करने वाले एक अध्ययन में पाया गया कि गर्मी की लहरें और उनके साथ आने वाले सूखे, प्राकृतिक आपदाओं से होनेवाले मृत्यु के लिए सबसे अधिक जिम्मेदार थे. 

2007 में एक अध्ययन में पाया गया कि यूरोप में गर्मी की लहरें 100 साल पहले की  में अब लगभग दोगुनी हो चुकी हैं. इस क्षेत्र में 2003 में एक मेगा हीट वेव की वजह से लगभग 70,000 लोग मारे गए थे.


नए रेगिस्तान बनेंगे 

Climate Change and its Impact on Human Health

जलवायु परिवर्तन की वजह से रेगिस्तानों जैसे क्षेत्रों में वृद्धि हो सकती हैं. शुष्क क्षेत्रों में मिट्टी की क्वालिटी बदतर हो रही हैं. 2010 के अध्ययन में पाया गया कि दुनिया का 38 प्रतिशत रेगिस्तान शुष्क क्षेत्रों से बने हैं. एक बार सड़ने के बाद, मिट्टी अनुत्पादक हो जाती हैं. यह उस भूमि के क्षेत्रफल में कमी लाता हैं, जिसका उपयोग कृषि के लिए किया जा रहा हैं जो दुनिया की बढ़ती आबादी को खिलाने के लिए उपयोग में हैं. 


वैश्विक रेगिस्तानी मिटटी से समुद्र में हानिकारक जीवाणुओं की वृद्धि को भी बढ़ावा मिल सकता हैं. फरवरी में अमेरिकन एसोसिएशन फॉर द एडवांसमेंट ऑफ साइंस की बीते साल की बैठक में प्रस्तुत एक अध्ययन में पाया गया कि रेगिस्तान की धूल समुद्र के बैक्टीरिया के एक समूह विब्रियोस के विकास को बढ़ावा देती है, जो लोगों में गैस्ट्रोएंटेरिटिस और संक्रामक रोगों का कारण बनते हैं.

समुद्री जल के नमूनों में पाया गया कि, मोरक्को से रेगिस्तान की धूल को मिलाने के 24 घंटों के भीतर, विब्रियोस में 10 से 1000 गुना वृद्धि देखी, जो आंख, कान और खुले घाव में संक्रमण और हैजा का कारण बन सकता है, " जॉर्जिया विश्वविद्यालय के अध्ययनकर्ता ने इस बैठक में कहा, इस प्रकार के जीवाणुओं में वृद्धि का मतलब अधिक लोग बीमार हो सकते हैं क्योंकि वे दूषित समुद्री भोजन का सेवन करते हैं.


बीमारियां फैलने के आसार

Climate Change and its Impact on Human Health

जलवायु परिवर्तन की वजह से कुछ क्षेत्रों में गर्मी और वर्षा में अत्याधिक वृद्धि से रोग फैलने की स्थिति बन सकती हैं. 

कुछ वेक्टर-जनित रोग या बीमारियां हैं जिसमें मच्छर, टिक शामिल हैं. वेक्टर-जनित रोग बीमारियां जिनमें एक कीट, एक रोग का प्रसार करने वाले एजेंट जैसा कार्य करता हैं. वैक्टर ठंडे खून के होते हैं, वे अपनी आंतरिक गर्मी को नियंत्रित करने के लिए अपने आसपास के वातावरण पर निर्भर होते हैं. तापमान में वृद्धि संभावित रूप से मलेरिया जैसी बीमारियों को नए नए क्षेत्र में प्रसार का कारण बन सकती हैं. 


वर्षा के मौसम में जलजनित (water borne) रोगों का सम्बन्ध सीधा बढ़ी हुई वर्षा को जोड़ा जा सकता हैं. 

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